Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Army

कुछ खोने लगा है !

खूबसूरत वो दिन ,         गगन निखरा सा बादलों के बिन ,         हवाओं में जोश था । वह दिन खुला सा         खगों में नादान रोष था ।। जन गण मन , उठ रही थी ध्वनि हर  एक  लव  उस पल की बनी देश  एक है , आजाद है , रहेगा ! उम्मीद आशा और हिम्मत की धनि ठिठोली मां की ममता सी , जन्म भूमि के एहसानों की ।। छोटे से सर को धूप की किरणों से ना बचाए तिरंगे को इठलाता इतराता देख , देश की शान पर मुस्कुराए ।। रोज हर इसी भातीं दिनकर का स्वागत कर माटी को पूजता मां की गोद में आधी अधूरी बात पर पूछता " मां मैं तिरंगे में लिपटना चाहता हूं ,उसे चूमना चाहता हूं ,उसे लहराना चाहता हूं " ; मां का प्यार उमड़ आता उसे चूमती सहलाकर वो रीझ जाता । रात वह अलग थी आज,         अंधेरे में एक मनहूसियत थी । कोई आ रहा था छुपाए ,         एक घिनौना राज ।। नाव से छहः लोग उतरे थे । न डर , न खौफ, न  सहमे थे । योवन की पहली सीढी भी खाली थी ,         जीवन की अंतिम...

लश्कर ए हिंद

जान प्राण अदाओं पर आन बान की रक्षा से । स्वीकार है वह मौत भी जो देश की हो शान में। हिंद की सेना आज नहीं , यह बिल्कुल है इतिहास का ; लाशों को कागज बनाकर स्याही अपने खूनों को। 99 की य...